नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में मायावती और कांशीरामजी
विश्वप्रसिध्द भविष्यवेत्ता फ्रांस का नास्त्रेदमस का नाम मोदी जी की प्रचार के लिए हमेशा उनके भक्त के द्वारा उडाला जा रहा है। नास्त्रेदमस की मुल भविष्यवानीया क्या है और क्या सही में वर मोदीजी से ही संबंधीत है ये जानने के लिये मैने कोशिश की और हैराण करनेवाली कई बाते सामने आयी । पहीली बात नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवाणीयोंमें कही भी काल का स्पष्ट उल्लेख नहीं करते। और वर इशारो इशारो में बात करते है। लेकीन मोदीजी के भक्त 2014 से 2028 तक ये कहाँ है, 2035 तक वह कहाँ है। इस प्रकार प्रचार करते है। जान बुझकर प्रोपोगंडा करते है। दुसरी बात मोदी से संबंधीत हो ऐसी कोई भी बात नास्त्रेदमस की भविष्यवानीयों में नही मिलती। मगर हैरान कर देनेवाली बात ये है की मोदी से ज्यादा वह बाते कांशीरामजी या बहन मायावती जी से ज्यादा मिलती है।
निम्मलिखीत भविष्यवाणी को लिजीये 'पांच नदियों के प्रख्यात द्वीप राष्ट्र में एक महान राजनेता का उदय होगा। इस राजनेता का नाम 'वरण' या 'शरण' होगा। वह एक शत्रु के उन्माद को हवा के जरिए समाप्त करेगा और इस कार्रवाई में छ: लोग मारे जाएंगे।' (सेंचुरी v-27)
पाँच नदीयों के द्वीपराष्ट्र में यांनी के पंजाब में उस व्यक्ती का जन्म होगा। पंजाब में महान राजनेता का जन्म होगा। स्पष्ट ही बात है उपरोक्त भविष्यवाणी स्पष्टरूप से मान्यवर कांशीराम जी से ज्यादा किस के भी उपर ज्यादा लागू नहीं होती। नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवानीया पहेली के तौर पर पेश करते है। नेपोलियन पर साबीत हुयी भविष्यवाणी में नेपोलियन का नाम पोउ-ने-लोरोन का उल्लेख करता है। इसे ये बात पता चलती है की नास्त्रेदमस उल्लेख किये हुये नाम मिलते जुलते पाये जाते है। कुछ अक्षर कम ज्यादा पाये जाते है। अक्षरो का क्रम कही बदल दिया गया है। इसी प्रकार "मान्यवर /कांशीराम" ये दोनो शब्द में वरन और शरन दोनो शब्द पाये जाते है। कांशीरामजी "शत्रू के उन्माद को हवा के जरीये नष्ट करेंगा। कांशीरामजी ने जो माहौल, हवा तैयार की थी उस हवा से शत्रूओं का उन्माद नष्ट किया था। कांशीरामजी ने दबेकुचले लोगो की ये ताकद तैयार की थी कि प्रस्थापित लोग डर गये थे की न जाने कब बहुजन समाज उनको उखाड के फेकेगा।जातीयवादी ताकदों का उन्माद नष्ट किया था। कारवाई में छह लोग मारे जायेगे अगर और सखोल अभ्यास किया तो इस वाक्य के संदर्भ भी मिल सकते है।
नास्त्रेदमस की भारत के संदर्भ दुसरी भविष्यवाणी बतायी जाती है। तीन ओर घिरे समुद्र क्षेत्र में वह जन्म लेगा, जो बृहस्पतिवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। उसकी प्रसंशा और प्रसिद्धि, सत्ता और शक्ति बढ़ती जाएगी और भूमि व समुद्र में उस जैसा शक्तिशाली कोई न होगा।' (सेंचुरी 1-50वां सूत्र)
भारत में वह जन्म लेगा। बृहस्पती वार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। सब लोग जानते है। कांशीरामजी ने बाबासाहब की जयंती को अवकाश दिवस घोषीत करने के लिए संघर्ष किया। वही संघर्ष से उनके राजनैतीक जीवन की सुरुवात हुयी। शायद नास्त्रेदमस उसी अवकाश दिवस की बात कर रहे है। कांशीरामजी कि प्रशंसा और प्रसिद्धी दिन ब दिन बढ रही है।
अगली भविष्यवाणी
निम्मलिखीत भविष्यवाणी को लिजीये 'पांच नदियों के प्रख्यात द्वीप राष्ट्र में एक महान राजनेता का उदय होगा। इस राजनेता का नाम 'वरण' या 'शरण' होगा। वह एक शत्रु के उन्माद को हवा के जरिए समाप्त करेगा और इस कार्रवाई में छ: लोग मारे जाएंगे।' (सेंचुरी v-27)
पाँच नदीयों के द्वीपराष्ट्र में यांनी के पंजाब में उस व्यक्ती का जन्म होगा। पंजाब में महान राजनेता का जन्म होगा। स्पष्ट ही बात है उपरोक्त भविष्यवाणी स्पष्टरूप से मान्यवर कांशीराम जी से ज्यादा किस के भी उपर ज्यादा लागू नहीं होती। नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवानीया पहेली के तौर पर पेश करते है। नेपोलियन पर साबीत हुयी भविष्यवाणी में नेपोलियन का नाम पोउ-ने-लोरोन का उल्लेख करता है। इसे ये बात पता चलती है की नास्त्रेदमस उल्लेख किये हुये नाम मिलते जुलते पाये जाते है। कुछ अक्षर कम ज्यादा पाये जाते है। अक्षरो का क्रम कही बदल दिया गया है। इसी प्रकार "मान्यवर /कांशीराम" ये दोनो शब्द में वरन और शरन दोनो शब्द पाये जाते है। कांशीरामजी "शत्रू के उन्माद को हवा के जरीये नष्ट करेंगा। कांशीरामजी ने जो माहौल, हवा तैयार की थी उस हवा से शत्रूओं का उन्माद नष्ट किया था। कांशीरामजी ने दबेकुचले लोगो की ये ताकद तैयार की थी कि प्रस्थापित लोग डर गये थे की न जाने कब बहुजन समाज उनको उखाड के फेकेगा।जातीयवादी ताकदों का उन्माद नष्ट किया था। कारवाई में छह लोग मारे जायेगे अगर और सखोल अभ्यास किया तो इस वाक्य के संदर्भ भी मिल सकते है।
नास्त्रेदमस की भारत के संदर्भ दुसरी भविष्यवाणी बतायी जाती है। तीन ओर घिरे समुद्र क्षेत्र में वह जन्म लेगा, जो बृहस्पतिवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। उसकी प्रसंशा और प्रसिद्धि, सत्ता और शक्ति बढ़ती जाएगी और भूमि व समुद्र में उस जैसा शक्तिशाली कोई न होगा।' (सेंचुरी 1-50वां सूत्र)
भारत में वह जन्म लेगा। बृहस्पती वार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। सब लोग जानते है। कांशीरामजी ने बाबासाहब की जयंती को अवकाश दिवस घोषीत करने के लिए संघर्ष किया। वही संघर्ष से उनके राजनैतीक जीवन की सुरुवात हुयी। शायद नास्त्रेदमस उसी अवकाश दिवस की बात कर रहे है। कांशीरामजी कि प्रशंसा और प्रसिद्धी दिन ब दिन बढ रही है।
अगली भविष्यवाणी
- 8.'शीघ्र ही पूरी दुनिया का मुखिया होगा महान 'शायरन' जिसे पहले सभी प्यार करेंगे और बाद में वह भयंकर व भयभीत करने वाला होगा। उसकी ख्याति आसमान चूमेगी और वह विजेता के रूप में सम्मान पाएगा।' (v-70)
- .'एशिया में वह होगा, जो यूरोप में नहीं हो सकता। एक विद्वान शांतिदूत सभी राष्ट्रों पर हावी होगा।' (x-75)।
- शीघ्र ही पुरी दुनिया का मुखिया शायरन होगा । शायरन ये नाम भारत के लोगो के लिए उलझन में डालने वाला नाम है। लेकीन नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी देखेंगे तो वह सभी व्यक्तीयों की उपाधी पर जोर देता है। " सायरन " ये उपाधी "शेरनी बहन" का विदेशी उच्चारन है वो भी 350 साल पहीले वाला। सायरन का मतलब शेरनी बहन मायावती ही है।
- एक भविष्यवाणी "पैगंबर के कुल नाम के अंतिम अक्षर से पहले के नाम वाले, सोमवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। अपनी सनक में वह अनुचित कार्य भी करेगा। जनता को करों से आजाद कराएगा।' (1-28).... पैगंबर तो एक ही हैं मुहम्मद। उनके कुल का नाम हाशमी था। हाशमी के अंतिम अक्षर के पहले 'श', यानी जिस नेता के प्रादुर्भाव की बात कही जा रही है उसका नाम 'श' से शुरू होना चाहिए। यदि हम कुल का नाम न मानें तो मुहम्मद के अंतिम अक्षर के नाम के पहले 'म' आता है। और म नाम से मायावती नाम आता है। अपनी सनक में वो अनुचित काम भी करगा। हो सकता है मायावती जी ने जो खुद की मुर्तीयाँ लगवाई है। उसे नास्त्रेदमस अनुचित काम मानता हो। या बहोत सारे लोग ऊसे अनुचित काम मानते है। उसे सनक भी कह सकते है। मायावती जी ने मान्यवर कांशीराम जी का जन्मदिवस अवकाश दिवस घोषीत किया था। तो सोमवार का दिन भी हो सकता है। जनता को करो से आजाद मायावती जी शासक बनने के बाद कर भी सकती है।
- एक और भविष्यवाणी नास्त्रेदमस द्वारा की गयी
- 'एक सेनापति उत्सुकतावश पीछे भागती दुश्मन सेना की फौज का पीछा करेगा। वह उसके बचाव चक्र को भेदता हुआ, अंत: उन्हें रोक देगा। वे पैदल भांगेंगे, मगर उनसे अधिक दूर नहीं होगा वह। अंतिम जंग गंगा (ganges) के किनारे होगी।'' (iv-51)
- उपर की भविष्यवाणी से साफ प्रतीत होता है अंतिम जंग गंगा के किनारे होगी लोकशाही की लढाई याने की चुनाव गंगा के किनारे होने वाली जंग युपी में होगी। क्या की गंगा वही से बहती है तो इशारा भी मायावती की तरफ ही इशारा करती है।
- नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी एक मजा है इसे ज्यादा कुछ प्रतीत नहीं होता। लेकीन मोदी से ज्यादा मायावती और कांशीरामजी से संबंधित होने का दावा मजबूती से कर सकते है।
- आगे की एक भविष्यवाणी
'साम्प्रदायिकता और शत्रुता के एक लंबे दौर के बाद सभी धर्म तथा जातियां एक ही विचारधारा को मानने लगेंगी।' (6-10)। '17 साल के भीतर 5 पोप बदले जाएंगे तब एक नया धर्म आएगा। - ये भविष्यवाणी से कर सकते है सभी धर्म और जातीयाँ कौनसी विचारधारा की मानने लगेगी हम अभी साफ देख सकते है जो गती से फुले शाहु आंबेडकर जी की विचारधारा सही लोग मान रहे है और भविष्य में भी वही विचारधारा सब धर्म और जातीयाँ मानने रहेगी। शत्रुत का लंबा दौर शुरु है। जो भी आनेवाले समय का अंदाज लगा सकता है। वह ये समझ सकता है की देश में आंबेडकरी विचारधाराही सभी धर्म और जातीयाँ मान सकते है। आनेवाले धर्म देशमें नया धर्म बौध्द धर्म ही हो सकता है। वह एजंडा सिर्फ और सिर्फ मायावतीजी का है। वह कई बार ये बात साफ तौर पर कह चुकी है।
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